Tuesday, March 17, 2009

काउंसलर कॉर्नर

फार्मेसी कोर्स
फार्मेसी के कोर्स का क्या महत्व है? कृपया कुछ प्रमुख संस्थानों के बारे में बताएं?
रश्मि चौधरी, जयपुर (राजस्थान)
जीव-विज्ञान की शैक्षणिक पृष्ठभूमि वाले युवाओं के लिए फार्मेसी के क्षेत्र में करियर के बेहतर स्कोप हैं। 10+2 के बाद बैचलर ऑफ फार्मेसी के चार वर्षीय कोर्स देश के कई विश्वविद्यालयों में उपलब्ध हैं। हालांकि दसवीं के बाद भी डिप्लोमा स्तर के फार्मेसी कोर्स ही ऐसे युवाओं के लिए संचालित किए जाते हैं, जो किसी कारणवश स्कूली पढाई के स्थान पर प्रोफेशनल कोर्स करना चाहते हैं। फार्मेसी के कोर्स करने के बाद फार्मास्युटिकल कंपनियों के रिसर्च विंग में ऐसे युवाओं के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध हैं, इसलिए करियर के लिहाज से इस क्षेत्र को कम करके नहीं आंकना चाहिए। इस क्षेत्र में फार्मास्युटिकल, फार्माकोलॉजी, फार्मास्युटिकल केमिस्ट्री, बायोकेमिस्ट्री, बायोकेमिस्ट्री इंजीनियरिंग आदि में विशेषज्ञता हासिल की जा सकती है।
प्रमुख संस्थान
कॉलेज ऑफ फार्मेसी, दिल्ली
गुरु गोविन्द सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी, दिल्ली
जामिया हमदर्द यूनिवर्सिटी, दिल्ली
महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी, रोहतक
यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ
फार्मास्युटिकल साइंसेज, चंडीगढ
बिडला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, रांची
कॉलेज ऑफ फार्मेसी, देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी, इंदौर
डॉ. हरिसिंह गौड विश्वविद्यालय, सागर इत्यादि।
मास मीडिया
मास मीडिया क्या है और इस क्षेत्र में रोजगार की क्या संभावनाएं हैं?
प्रदीप त्यागी, बुलंदशहर (उ.प्र.)
मास मीडिया यानी जनसंचार का क्षेत्र अपने में कई विद्याओं को समेटे हुए है। इनमें पत्रकारिता, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, विज्ञापन आदि शामिल हैं। देश में जनसंचार का क्षेत्र तेजी से बढता जा रहा है। इसमें प्रिंट मीडिया से जुडे समाचारपत्रों, पत्र-पत्रिकाओं आदि का खासतौर से उल्लेख किया जा सकता है। कमोबेश यही स्थिति इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की भी है। ऐसे में ट्रेंड लोगों के लिए रोजगार के अवसर और बढेंगे। देश में 10+2 के बाद बैचलर ऑफ जर्नलिज्म अथवा बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन कोर्स में एडमिशन ले सकते हैं। साथ ही, मास्टर्स डिग्री स्तर के कोर्स भी इस विषय में किए जा सकते हैं।
प्रमुख संस्थान
ललित नारायण मिथिला यूनिवर्सिटी (दरभंगा)
बरकतुल्लाह यूनिवर्सिटी (भोपाल)
दिल्ली विश्वविद्यालय (दिल्ली)
पं. रविशंकर विश्वविद्यालय (रायपुर)
महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (रोहतक)
हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी (शिमला)
गुरु नानकदेव विश्वविद्यालय (अमृतसर)
गुरु घासीदास यूनिवर्सिटी (बिलासपुर)।
इनमें से प्रत्येक में ग्रेजुएशन स्तर के मास कम्युनिकेशन कोर्स संचालित किए जाते हैं। प्राय: दाखिले चयन परीक्षा के आधार पर ही देने का प्रावधान है।
मर्चेट नेवी
मर्चेट नेवी में जाना चाहता हूं। इस बारे में मार्गदर्शन करें।
सुनील क्षेत्रिय, दरभंगा (बिहार)
मर्चेट नेवी बेहतर करियर विकल्प है। इसमें अच्छी कमाई के साथ देश-विदेश में घूमने का अवसर भी मिलता है। इसके प्रमुख कोर्सो में बीएससी (नॉटिकल साइंस) और चार वर्षीय बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग (मैरीन इंजीनियरिंग) का जिक्र किया जा सकता है। इसके अलावा, इग्नू में भी डिप्लोमा इन नॉटिकल साइंस कोर्स की शुरुआत की गई है। यह कोर्स इग्नू ने डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ शिपिंग (मुंबई) के साथ मिलकर शुरू किया है। दाखिले चयन परीक्षा के आधार पर दिए जाते हैं। अधिक जानकारी के लिए वेबसाइट (www.ignou.ac.in) देख सकते हैं। इसके अलावा, शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (www.shipindia.com),
तोलानी मेरिटाइम इंस्टीट्यूट (www.tolani.edu),
मैरीन इंजीनियरिंग ऐंड रिसर्च इंस्टीट्यूट (कोलकाता) आदि से भी संपर्क किया जा सकता है।

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